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गरà¥à¤ धारण
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में पà¥à¤°à¥à¤· और सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के समà¥à¤à¥‹à¤— के उपरानà¥à¤¤ पà¥à¤°à¥à¤· दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ की योनि के माधà¥à¤¯à¤® से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤“ं को डालना होठहै। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के अंडाणॠको निषेचित करते हैं। निषेचन की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बाद à¤à¥à¤°à¥‚ण सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ के गरà¥à¤ में रहता है और अपने निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समय पर बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® होता है , जो कि आम तौर पर ४० हफà¥à¤¤à¥‡à¤¼ माना जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ आम तौर पर तीन à¤à¤¾à¤—ों ( तिमाही) में बांटा गया है। पहली तिमाही में गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ से लेकर 12 से सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से है, गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ जब शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ अंडा निषेचित है। निषेचित अंडे तो फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब नीचे यातà¥à¤°à¤¾ और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर है, जहां यह à¤à¥à¤°à¥‚ण और नाल आकार लेती है।पहली तिमाही में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरा (à¤à¥à¤°à¥‚ण या à¤à¥à¤°à¥‚ण की सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• मृतà¥à¤¯à¥) माना जाता है। दूसरी तिमाही 13 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से 28 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ है। जिसमें à¤à¥à¤°à¥‚ण के आंदोलन को महसूस किया जा सकता है। 28 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से अधिक समय के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को उचà¥à¤š गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ चिकितà¥à¤¸à¤¾ देखà¤à¤¾à¤² के ज़रिये 90% गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बाहर जीवित रखा जा सकता हैं। तीसरी तिमाही 29 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से 40 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ का समय है।
लकà¥à¤·à¤£
à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ महिला को पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• माह मासिक-सà¥à¤°à¤¾à¤µ (माहवारी) होती है। गरà¥à¤ ठहरने के बाद मासिक-सà¥à¤°à¤¾à¤µ होना बंद हो जाता है। इसके साथ-साथ दिल में अमà¥à¤²à¤¿à¤•ोदà¥à¤—ार होना, उलà¥à¤Ÿà¥€ होना, बार-बार पेशाब का होना तथा सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में हलà¥à¤•ा दरà¥à¤¦ बना रहना आदि साधारण शिकायतें होती है। इन शिकायतों को लेकर महिलाà¤à¤‚, सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž के पास जाती है। डाकà¥à¤Ÿà¤° महिला के पेट और योनि की जाà¤à¤š करती है और बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ की ऊंचाई को देखती है। गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के बाद बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ का बाहरी à¤à¤¾à¤— मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® हो जाता है। इन सà¤à¥€ बातों को देखकर डाकà¥à¤Ÿà¤° महिला को मां बनने का संकेत देता है। इसी बात को अचà¥à¤›à¥‡ ढंग से मालूम करने के लिठडाकà¥à¤Ÿà¤° रकà¥à¤¤ या मूतà¥à¤° की जांच के लिठराय देता है।
महिलाओं के रकà¥à¤¤ और मूतà¥à¤° की जांच
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के रकà¥à¤¤ और मूतà¥à¤° में à¤à¤š.सी.जी. होता है जो कौरिऔन से बनता है। ये कौरिऔन औवल बनाती है। औवल का à¤à¤• à¤à¤¾à¤— बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ की दीवार से तथा की नाà¤à¤¿ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है। इसके शरीर में पैदा होते ही रकà¥à¤¤ और मूतà¥à¤° में à¤à¤š.सी.जी. आ जाता है। इस कारण महिला को अगले महीने के बाद से माहवारी होना रूक जाता है। à¤à¤š.सी.जी. की जांच रकà¥à¤¤ या मूतà¥à¤° से की जाती है। साधारणतया डाकà¥à¤Ÿà¤° मूतà¥à¤° की जांच ही करा लेते है। जांच माहवारी आने के तारीख के दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद करानी चाहिठताकि जांच का सही परिणाम मालूम हो सके। यदि जांच दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से पहले ही करवा लिया जाठतो परिणाम हां या नहीं में मिल जाता है। वह वीकली पजिटिव कहलाता है।
à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास
दस सपà¥à¤¤à¤¹ की गरà¥à¤à¤µà¤§à¤¿ के तहत à¤à¥à¤°à¥‚ण विकसित होता है जिसके बाद के à¤à¥à¤°à¥‚ण चरण में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का खतरा कम हो जाता है, इस चरन में à¤à¥à¤°à¥‚ण की लंबाई लगà¤à¤— 30 मि मी (1.2 इंच) होती है। जिसके अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से दिल की धड़कन à¤à¤µà¤® अनैचà¥à¤›à¤¿à¤• गतियों को मेहसूस किया जा सकता है।à¤à¥à¤°à¥‚ण चरण में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किठगठसंरचना का जलà¥à¤¦ ही शरीर पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में विकास होता है।à¤à¥à¤°à¥‚ण का विकास दोनों ओर वजन और लंबाई में वृदà¥à¤§à¤¿ जारी रहता है। विदà¥à¤¯à¥à¤¤ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• गतिविधि पहली हमल के पांचवें और छठे सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• होती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पोषण
à¤à¥à¤°à¥‚ण पोषण के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकास को सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान à¤à¥à¤°à¥‚ण पोषण महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है, शिकà¥à¤·à¤¾ के ज़रिये महिलाओं को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान à¤à¤• संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ ऊरà¥à¤œà¤¾ और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ लेने के लिये पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ किया जा रहा है। कà¥à¤› महिलाओं को अपने आहार चिकितà¥à¤¸à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, खादà¥à¤¯ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€, या विशिषà¥à¤Ÿ धारà¥à¤®à¤¿à¤• नैतिक विशà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ के आधार पर पेशेवर चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह की जरूरत हो सकती है। मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¤µà¤® हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फलियां, और खटà¥à¤Ÿà¥‡ फलो का सेवन करना चाहिये।यह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि महिला को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान डीà¤à¤šà¤ की परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में उपà¤à¥‹à¤— करना चाहिये,डीà¤à¤šà¤ ओमेगा -३ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और रेटिना में à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– संरचनातà¥à¤®à¤• फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है, और सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से मां के दूध में पाया जाता है,यह नरà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग के दौरान शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का समरà¥à¤¥à¤¨ करता है।साथ ही विटामिन (दी) और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® à¤à¥€ आहार में लेना चाहिये।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सावधानियां
कà¥à¤› सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ माहवारी के न आने पर दवाइयों का सेवन करना शà¥à¤°à¥‚ कर देती है, इस पà¥à¤°à¤•ार की दवा का सेवन महिलाओं के लिठहानिकारक होता है। इसलिठजैसे ही यह मालूम चले कि आपने गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤°à¤£ कर लिया है तो अपने रहन-सहन और खानपान पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना शà¥à¤°à¥‚ कर देना चाहिà¤à¥¤ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के बाद महिलाओं को किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की दवा के सेवन से पà¥à¤°à¥à¤µâ€‹ डाकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की राय लेना अनिवारà¥à¤¯ होता है। ताकि आप कोई à¤à¤¸à¥€ दवा का सेवन न करें जो आपके और होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ के लिठहानिकारक होता है। यदि महिलाओं को शूगर का रोग हो तो इसकी चिकितà¥à¤¸à¤¾ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ से पहले ही करनी चाहिà¤à¥¤ यदि मिरà¥à¤—ी, सांस की शिकायत या फिर टीबी का रोग हो तो à¤à¥€ इसके लिठà¤à¥€ डाकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह ले लेनी चाहिà¤à¥¤
यहीं नहीं, यह à¤à¥€ सतà¥à¤¯ है कि आपके विचार और आपके कारà¥à¤¯ à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤°à¤£ के समय ठीक और अचà¥à¤›à¥‡ होने चाहिठताकि होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ पर अचà¥à¤›à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़े।
जैसे ही पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ हो जाती है कि आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं उसके बाद से पà¥à¤°à¤¸à¤µ होने तक आप किसी सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž की निगरानी में रहें तथा नियमित रूप से अपनी चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ जाà¤à¤š कराती रहें।
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के समय आपको अपने रकà¥à¤¤ वरà¥à¤— (बà¥à¤²à¥à¤¡ गà¥à¤°à¥à¤ª), विशेषकर आर. à¤à¤š. फ़ैकà¥à¤Ÿà¤° की जांच करनी चाहिà¤à¥¤ इस के अलावा रूधिरवरà¥à¤£à¤¿à¤•ा (हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨) की à¤à¥€ जांच करनी चाहिà¤à¥¤
यदि आप मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª, थाइराइड आदि किसी, रोग से पीड़ित हैं तो, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान नियमित रूप से दवाईयां लेकर इन रोगों को नियंतà¥à¤°à¤£ में रखें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• कà¥à¤› दिनों तक जी घबराना, उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होना या थोड़ा रकà¥à¤¤ चाप बढ़ जाना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है लेकिन यह समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ उगà¥à¤° रूप धारण करें तो चिकितà¥à¤¸à¤• से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पेट में तीवà¥à¤° दरà¥à¤¦ और योनि से रकà¥à¤¤ सà¥à¤°à¤¾à¤µ होने लगे तो इसे गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लें तथा चिकितà¥à¤¸à¤• को ततà¥à¤•ाल बताà¤à¤‚।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कोई à¤à¥€ दवा-गोली बिना चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ परामरà¥à¤¶ के न लें और न ही पेट में मालिश कराà¤à¤‚। बीमारी कितना à¤à¥€ साधारण कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो, चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह के बगैर कोई औषधि न लें।
यदि किसी नठचिकितà¥à¤¸à¤• के पास जाà¤à¤‚ तो उसे इस बात से अवगत कराà¤à¤‚ कि आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤•ि कà¥à¤› दवाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠपर बà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ छोडती है।
चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आवशà¥à¤¯à¤• टीके लगवाà¤à¤‚ व लोहततà¥à¤µ (आयरà¥à¤¨) की गोलियों का सेवन करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मलेरिया को गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लें, तथा चिकितà¥à¤¸à¤• को ततà¥à¤•ाल बताà¤à¤‚।
गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से चेहरे या हाथ-पैर में असामानà¥à¤¯ सूजन, तीवà¥à¤° सिर दरà¥à¤¦, आखों में धà¥à¤‚धला दिखना और मूतà¥à¤° तà¥à¤¯à¤¾à¤— में कठिनाई की अनदेखी न करें, ये खतरे के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं।
गरà¥à¤ की अवधि के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠकी हलचल जारी रहनी चाहिà¤à¥¤ यदि बहà¥à¤¤ कम हो या नहीं हो तो सतरà¥à¤• हो जाà¤à¤‚ तथा चिकितà¥à¤¸à¤• से संपरà¥à¤• करें।
आप à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशॠको जनà¥à¤® दें, इस के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है कि गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बीच आप के वजन में कम से कम १० कि.गà¥à¤°à¤¾. की वृदà¥à¤§à¤¿ अवशà¥à¤¯ हो।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में अतà¥à¤¯à¤‚त तंग कपडे न पहनें और न ही अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• ढीले।
इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में ऊची à¤à¤¡à¤¼à¥€ के सैंडल न पहने। जरा सी असावधानी से आप गिर सकती है
इस नाजà¥à¤• दौर में à¤à¤¾à¤°à¥€ कà¥à¤·à¥à¤°à¤® वाला कारà¥à¤¯ नहीं करने चाहिà¤, न ही अधिक वजन उठाना चाहिà¤à¥¤ सामानà¥à¤¯ घरेलू कारà¥à¤¯ करने में कोई हरà¥à¤œ नहीं है।
इस अवधि में बस के बजाठटà¥à¤°à¥‡à¤¨ या कार के सफ़र को पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता दें।
आठवें और नौवे महीने के दौरान सफ़र न ही करें तो अचà¥à¤›à¤¾ है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सà¥à¤¬à¤¹-शाम थोड़ा पैदल टहलें।
चौबीस घंटे में आठघंटे की नींद अवशà¥à¤¯ लें।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ घर पर कराने के बजाठअसà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤², पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति गृह या नरà¥à¤¸à¤¿à¤—ं होम में किसी कà¥à¤¶à¤² सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž से कराना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रहता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सदैव पà¥à¤°à¤¸à¤¨à¥à¤¨ रहें। अपने शयनककà¥à¤· में अचà¥à¤›à¥€ तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ लगाà¤à¥¤
हिंसा पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ या डरावनी फ़िलà¥à¤®à¥‡à¤‚ या धारावाहिक न देखें।[तथà¥à¤¯ वांछित]/;
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